Saturday, March 04, 2006

कुछ चित्र-1







1 Comments:

At 3:34 AM, Blogger Aflatoon said...

प्रिय व्योम,
स्व. भवानीबाबू की बच्चों के लिये लिखी कविताएं भी डाल दो.जैसे - 'कठपुतली गुस्से से उबली,बोली ये धागे,क्यों हैं मेरे पीछे - आगे ...', 'अक्कड-मक्कड,धूल में धक्कड,हाट से निकले,ठाट से निकले,एक साथ एक बाट से निकले,बात-बात में, बात ठन गई,बांह उठी और मूंछे तन गयीं..." आदि.
मुझे यह किताब उन्होंने दी थी,मैंने अपने भतीजे को दी,फिर नहीं मिली.अपनी बिटिया और अन्य कई बच्चों को जितनी याद थीं,उतनी याद करा देता था.अनुपमभाई से बहुत पहले कहा था फिर से छापिये.अपने चिट्ठे में जरूर छापना.बच्चों का कल्याण हो.
मेरा एक ब्लाग अंग्रेज़ी में २००३ से था.महादेव देसाई की पुण्य तिथी के दिन नया पूरा हिन्दी में शुरु किया.पहली प्रविष्टि ,'साधारणतया मौन अच्छा है,'

 

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